।।श्री गणेशाय नमः ।। श्रीजानकीवल्लभो विजयते श्री रामचरित मानस प्रथम सोपान (बालकाण्ड) राम चरित मानस बालकाण्ड सोरठा और श्लोक :- [...]
ram chrit manas balkand doha 1
राम चरित मानस बालकाण्ड दोहा संख्या १:- चौ॰-बंदउ गुरु पद पदुम परागा। सुरुचि सुबास सरस अनुरागा।। अमिय मूरिमय चूरन चारू। [...]
ram chrit manas balkand doha 2
राम चरित मानस बालकाण्ड दोहा संख्या २:- चौ॰-गुरु पद रज मृदु मंजुल अंजन। नयन अमिअ दृग दोष बिभंजन।। तेहिं करि [...]
ram chrit manas balkand doha 3
राम चरित मानस बालकाण्ड दोहा संख्या ३:- चौ॰-मज्जन फल पेखिअ ततकाला। काक होहिं पिक बकउ मराला।। सुनि आचरज करै जनि [...]
ram chrit manas balkand doha 4
राम चरित मानस बालकाण्ड दोहा संख्या ४:- चौ॰-बहुरि बंदि खल गन सतिभाएँ। जे बिनु काज दाहिनेहु बाएँ।। पर हित हानि [...]
ram chrit manas balkand doha 5
राम चरित मानस बालकाण्ड दोहा संख्या ५:- चौ॰-मैं अपनी दिसि कीन्ह निहोरा। तिन्ह निज ओर न लाउब भोरा।। बायस पलिअहिं [...]
ram chrit manas balkand doha 6
राम चरित मानस बालकाण्ड दोहा संख्या ६:- चौ॰-खल अघ अगुन साधू गुन गाहा। उभय अपार उदधि अवगाहा।। तेहि तें कछु [...]
ram chrit manas balkand doha 7
राम चरित मानस बालकाण्ड दोहा संख्या ७:- चौ॰-अस बिबेक जब देइ बिधाता। तब तजि दोष गुनहिं मनु राता।। काल सुभाउ [...]
ram chrit manas balkand doha 8
राम चरित मानस बालकाण्ड दोहा संख्या ८:- चौ॰-आकर चारि लाख चौरासी। जाति जीव जल थल नभ बासी।। सीय राममय सब [...]
ram chrit manas balkand doha 9
राम चरित मानस बालकाण्ड दोहा संख्या ९:- चौ॰-खल परिहास होइ हित मोरा। काक कहहिं कलकंठ कठोरा।। हंसहि बक दादुर चातकही। [...]
